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NEET री-एग्जाम 2026: क्या यह रद्द हुई परीक्षा से अधिक कठिन होगा? भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान का अनुमान

NEET Re-Exam 2026 के कठिनाई स्तर को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा रद्द हुई परीक्षा की तुलना में थोड़ी अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। फिजिक्स अपेक्षाकृत कठिन, केमिस्ट्री अधिक कॉन्सेप्चुअल और बायोलॉजी सबसे अधिक स्कोरिंग रहने का अनुमान है। हालांकि NTA ने कठिनाई स्तर या कटऑफ को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
authorImageEkta Rakesh singh13 Jun, 2026
NEET री-एग्जाम 2026: क्या यह रद्द हुई परीक्षा से अधिक कठिन होगा?

 

पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने पहले आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था। इस विवाद ने भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को सार्वजनिक, न्यायिक और नियामक जांच के केंद्र में ला दिया है। 

री-एग्जाम में अब केवल कुछ दिन शेष हैं। ऐसे में विषय विशेषज्ञों ने पिछले वर्षों के NEET पेपर ट्रेंड, रद्द होने के बाद आयोजित री-एग्जाम के इतिहास और NTA के घोषित दृष्टिकोण का विश्लेषण करते हुए छात्रों के लिए सबसे विश्वसनीय कठिनाई स्तर का अनुमान तैयार किया है।

क्या NEET री-एग्जाम 2026 अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है? 

NEET 2026 का रद्द होना केवल एक प्रशासनिक झटका नहीं था, बल्कि यह NTA की विश्वसनीयता के लिए एक बड़ा संकट भी था। अब एजेंसी पर छात्रों, अभिभावकों, अदालतों और नियामक संस्थाओं का भारी दबाव है कि वह एक पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करे। यही संस्थागत दबाव री-एग्जाम के प्रश्नपत्र की रूपरेखा को प्रभावित कर सकता है।

प्रमुख NEET विषय विशेषज्ञों का मानना है कि NTA भौतिकी और भौतिक रसायन विज्ञान में अवधारणात्मक (Conceptual) और अनुप्रयोग आधारित (Application-Based) प्रश्नों की संख्या बढ़ा सकती है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि री-एग्जाम केवल रटकर या किसी संभावित लीक पैटर्न के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। इससे परीक्षा की प्रतिष्ठा और निष्पक्षता को फिर से स्थापित करने में मदद मिलेगी।

रद्द की गई NEET 2026 परीक्षा को अधिकांश परीक्षार्थियों ने प्रबंधनीय लेकिन समय लेने वाली बताया था। सर्वेक्षणों के अनुसार लगभग 79% छात्रों ने उस पेपर को मध्यम कठिनाई स्तर का माना था। इसके विपरीत, री-एग्जाम में विषयों की गहराई और विश्लेषणात्मक सोच की अधिक आवश्यकता हो सकती है, भले ही सिलेबस पूरी तरह NCERT आधारित ही रहे।

छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि सिलेबस और परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं हुआ है। संभावित बदलाव केवल प्रश्नों की प्रकृति में हो सकता है — यानी अधिक अवधारणात्मक, अधिक अनुप्रयोग आधारित और फिजिक्स तथा केमिस्ट्री में सीधे याद किए गए उत्तरों पर कम निर्भर प्रश्न।

NEET री-एग्जाम 2026 का संभावित समग्र कठिनाई स्तर

पिछले पाँच वर्षों के NEET प्रश्नपत्रों और रद्द होने के बाद आयोजित री-एग्जाम की परिस्थितियों के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर NEET री-एग्जाम 2026 में प्रश्नों का संभावित कठिनाई वितरण इस प्रकार हो सकता है:

कठिनाई श्रेणी

प्रश्नों का अनुमानित प्रतिशत

आसान

15%

मध्यम

45%

मध्यम से कठिन

30%

अत्यंत कठिन

10%

NEET री-एग्जाम 2026 — विषयवार कठिनाई स्तर  

जीव विज्ञान — मध्यम, सबसे अधिक स्कोरिंग अवसर

जीव विज्ञान NEET में अब भी सबसे अधिक अंक दिलाने वाला विषय बना हुआ है और री-एग्जाम में इसके आसान से मध्यम कठिनाई स्तर का रहने का अनुमान है। बायोलॉजी के लगभग सभी प्रश्नों का आधार NCERT ही रहेगा।

जीव विज्ञान में प्रश्नों का संभावित वितरण (कुल 90 प्रश्नों में):

  • 65–70 प्रश्न — आसान (प्रत्यक्ष NCERT, तथ्य आधारित)

  • 15–18 प्रश्न — मध्यम (Assertion-Reason, Application-Based)

  • 2–5 प्रश्न — कठिन (डायग्राम आधारित, बहु-अवधारणा एकीकरण)

बॉटनी — प्रमुख विषय: आनुवंशिकी एवं वंशागति (Genetics and Heredity), पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण (Ecology and Environment), पादप शरीर क्रिया विज्ञान (Plant Physiology), जैव प्रौद्योगिकी एवं इसके अनुप्रयोग (Biotechnology and its Applications)।

जूलॉजी — प्रमुख विषय: मानव शरीर क्रिया विज्ञान (Human Physiology), जीवों में प्रजनन (Reproduction in Organisms), विकासवाद (Evolution), जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology)। कथन-कारण (Assertion-Reason) और आरेख-आधारित (Diagram-Based) प्रश्न जूलॉजी की कठिनाई को रद्द हुई परीक्षा की तुलना में थोड़ा बढ़ा सकते हैं।

विशेषज्ञ सुझाव: जिन छात्रों ने NCERT का लाइन-दर-लाइन पुनरावर्तन किया है — जिसमें डायग्राम, टेबल, हाइलाइट किए गए उदाहरण और फुटनोट शामिल हैं — वे बायोलॉजी में 360 में से 320–340 अंक का लक्ष्य आसानी से रख सकते हैं, जिससे फिजिक्स में किसी संभावित कमी की भरपाई की जा सके।

रसायन विज्ञान— मध्यम, रद्द हुई परीक्षा की तुलना में अधिक अवधारणात्मक

NEET री-एग्जाम 2026 में केमिस्ट्री का स्तर कुल मिलाकर आसान से मध्यम कठिन रहने की संभावना है, लेकिन रद्द हुई परीक्षा की तुलना में इसमें अवधारणात्मक (Conceptual) और कथन-आधारित (Statement-Based) प्रश्नों की संख्या अधिक हो सकती है।

भौतिक रसायन विज्ञान: ऊष्मागतिकी (Thermodynamics), विद्युत रसायन (Electrochemistry) और रासायनिक गतिकी (Chemical Kinetics) से 12–14 संख्यात्मक (Numerical) तथा सूत्र-आधारित प्रश्न आने की संभावना है। जिन छात्रों ने नियमित रूप से व्युत्पत्ति (Derivation) और न्यूमेरिकल प्रश्नों का अभ्यास किया है, उन्हें स्पष्ट लाभ मिलेगा।

अकार्बनिक रसायन विज्ञान: रसायन विज्ञान का सबसे आसान उप-भाग रहने की संभावना है। प्रश्न मुख्यतः प्रत्यक्ष, कथन-आधारित और NCERT से लिए गए होंगे — विशेषकर समन्वय यौगिक (Coordination Compounds), p-ब्लॉक तत्व (p-Block Elements) तथा d-ब्लॉक/f-ब्लॉक तत्व (d-Block/f-Block Elements) से। जिन्होंने NCERT के संबंधित अध्यायों को ध्यानपूर्वक पढ़ा है, वे इस भाग में अच्छा स्कोर कर सकते हैं।

कार्बनिक रसायन विज्ञान: 8–10 प्रश्न मध्यम कठिनाई स्तर के हो सकते हैं, जिनका केंद्र अभिक्रिया तंत्र (Reaction Mechanisms), नाम अभिक्रियाएँ (Name Reactions) और रूपांतरण-आधारित समस्याएँ (Conversion-Based Problems) होंगी। केवल अभिक्रियाएँ याद करने वाले छात्रों को यह भाग अपेक्षा से अधिक चुनौतीपूर्ण लग सकता है।

भौतिकी— सबसे कठिन और सबसे अधिक समय लेने वाला सेक्शन

भौतिकी वह विषय हो सकता है जो NEET री-एग्जाम 2026 में अच्छे और उत्कृष्ट स्कोर के बीच अंतर निर्धारित करेगा। इसके मध्यम से कठिन और काफी समय लेने वाला रहने का अनुमान है। पिछले पाँच वर्षों के प्रत्येक NEET प्रश्नपत्र में फिजिक्स सबसे कठिन सेक्शन रहा है।

भौतिकी में प्रश्नों का संभावित वितरण (कुल 45 प्रश्नों में):

  • 15 प्रश्न — आसान

  • 20 प्रश्न — मध्यम

  • 10 प्रश्न — कठिन

उच्च प्राथमिकता वाले विषय: यांत्रिकी (Mechanics), विद्युतगतिकी (Electrodynamics) [धारा विद्युत (Current Electricity) और चुंबकत्व (Magnetism)], आधुनिक भौतिकी (Modern Physics) तथा ऊष्मागतिकी (Thermodynamics)।

सिर्फ सूत्रों का उपयोग करने वाले प्रश्नों की बजाय अवधारणात्मक और कथन-आधारित प्रश्नों की अपेक्षा की जा रही है, जो मूल सिद्धांतों की समझ की जाँच करेंगे। Application-Based प्रश्नों की संभावित वृद्धि का अर्थ है कि छात्रों की अवधारणाएँ मजबूत होनी चाहिए, केवल सूत्र याद होना पर्याप्त नहीं होगा।

समय प्रबंधन चेतावनी: चूँकि अधिकांश छात्रों ने रद्द हुई परीक्षा में फिजिक्स को सबसे अधिक समय लेने वाला सेक्शन बताया था, इसलिए मॉक टेस्ट के दौरान फिजिक्स के लिए अधिकतम 38–40 मिनट का समय निर्धारित करने का अभ्यास करना चाहिए।

NEET री-एग्जाम 2026 संभावित कटऑफ — श्रेणीवार

परीक्षा का स्तर रद्द हुई परीक्षा से अधिक कठिन होने की संभावना को देखते हुए कटऑफ में भी बदलाव की संभावना है। विशेषज्ञों द्वारा अनुमानित कटऑफ इस प्रकार हैं:

श्रेणी

संभावित कटऑफ (720 में से)

सामान्य (General)

630

सामान्य-EWS

630

OBC

630

SC

530

ST

505

PwD

130

यह केवल अनुमान है। वास्तविक कटऑफ परीक्षा की कठिनाई, अभ्यर्थियों की संख्या और सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। 

रद्द हुई NEET 2026 परीक्षा का कठिनाई स्तर कैसा था?

री-एग्जाम की भविष्यवाणी से पहले आधार स्तर को समझना आवश्यक है। रद्द हुई NEET 2026 परीक्षा को कुल मिलाकर मध्यम तथा अपेक्षाकृत आसान माना गया था। सर्वेक्षण में लगभग 79% छात्रों ने इसे मध्यम कठिनाई स्तर का बताया था।

  • जीव विज्ञान सबसे आसान सेक्शन था — अधिकांश प्रश्न प्रत्यक्ष और कक्षा 11 एवं 12 की NCERT पर आधारित थे। छात्रों ने इसे अत्यधिक स्कोरिंग माना।

  • रसायन विज्ञान आसान से मध्यम कठिन थी, जिसमें सिद्धांत और अनुप्रयोग का संतुलित मिश्रण था।

  • भौतिकी मध्यम कठिन और समय लेने वाली थी। लगभग 37–38 प्रश्न आसान श्रेणी के थे, लेकिन उन्हें हल करने में काफी समय लगता था, जिससे निर्धारित समय में सभी प्रश्नों का प्रयास करना कठिन हो गया।

री-एग्जाम में तीनों विषयों का स्तर इस आधार रेखा से एक कदम ऊपर रहने की संभावना है, विशेष रूप से भौतिकी और भौतिक रसायन विज्ञान में।

NTA NEET री-एग्जाम 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच कैसे करेगा?

NEET में OMR (Optical Mark Recognition) जाँच प्रक्रिया NTA के मानकीकृत प्रोटोकॉल का पालन करती है। परीक्षा रद्द होने से जुड़े विवाद को देखते हुए विशेषज्ञों का अनुमान है कि NTA अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू कर सकता है, जिनमें शामिल हैं:

  • सभी स्कैन की गई OMR शीट्स का बहु-स्तरीय डिजिटल सत्यापन

  • परीक्षा के बाद किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने के लिए अतिरिक्त क्रॉस-चेकिंग व्यवस्था

  • मूल्यांकन और परिणाम प्रसंस्करण केंद्रों पर अधिक कड़ी निगरानी

परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी (Answer Key) सार्वजनिक रूप से जारी की जाएगी, जिससे छात्रों को अंतिम परिणाम घोषित होने से पहले आपत्तियाँ दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

  • सही उत्तर: +4 अंक

  • गलत उत्तर: –1 अंक

  • अनुत्तरित प्रश्न: 0 अंक

5 वर्षों का NEET कठिनाई स्तर ट्रेंड (2022–2026)

वर्ष

समग्र कठिनाई स्तर

NEET 2022

मध्यम से कठिन

NEET 2023

मध्यम

NEET 2024

आसान से मध्यम

NEET 2025

मध्यम

NEET 2026 (रद्द)

मध्यम — अधिकांशतः आसान

NEET री-एग्जाम 2026 (अनुमानित)

मध्यम से थोड़ा कठिन

पाँच वर्षों के आँकड़े एक स्पष्ट पैटर्न दर्शाते हैं: फिजिक्स हर वर्ष सबसे चुनौतीपूर्ण विषय रहा है। बायोलॉजी लगातार सबसे अधिक स्कोरिंग अवसर प्रदान करती रही है, जबकि केमिस्ट्री सामान्यतः आसान से मध्यम स्तर की रही है, हालांकि कभी-कभी फिजिकल केमिस्ट्री में कठिनाई बढ़ी है। अनुमानित री-एग्जाम कठिनाई स्तर NEET 2024 और रद्द हुई 2026 परीक्षा में दिखी अपेक्षाकृत आसान प्रवृत्ति को उलट सकता है।

NEET री-एग्जाम 2026 के लिए अंतिम समय की तैयारी के सुझाव

अनुमानित कठिनाई स्तर को ध्यान में रखते हुए, 21 जून से पहले के अंतिम दिनों में इन बातों को प्राथमिकता दें:

जीव विज्ञान 

NCERT का कम-से-कम एक बार कवर-टू-कवर पुनरावर्तन करें, जिसमें डायग्राम, टेबल और पाठ्य उदाहरण शामिल हों। पिछले वर्षों के Assertion-Reason प्रश्न हल करें। NCERT Exemplars को न छोड़ें।

रसायन विज्ञान

ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की सभी NCERT अभिक्रियाओं का पुनरावर्तन करें। प्रतिदिन 10–12 फिजिकल केमिस्ट्री न्यूमेरिकल हल करें। इनऑर्गेनिक के लिए NCERT से एक संक्षिप्त हाइलाइट्स शीट तैयार करें — प्रत्यक्ष अंक प्राप्त करने का यह सबसे आसान क्षेत्र है।

भौतिकी 

कठोर समय-सीमा के साथ कम-से-कम दो पूर्ण लंबाई के मॉक टेस्ट दें। Electrodynamics और Mechanics में अवधारणात्मक स्पष्टता पर विशेष ध्यान दें। Modern Physics को बिल्कुल न छोड़ें — यहाँ से अक्सर सीधे और उच्च-प्राप्ति (High-Yield) वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।

समग्र परीक्षा रणनीति

सबसे पहले जीवविज्ञान हल करें ताकि आत्मविश्वास बढ़े और शुरुआती अंक सुरक्षित हो सकें। इसके बाद रसायन विज्ञान पर जाएँ और अंत में भौतिकी हल करें। समय लेने वाले प्रश्नों में फँसने की बजाय उन्हें छोड़कर बाद में वापस आने की आदत विकसित करें।

 

NEET re-exam 2026 kathinai star FAQ

kya NEET re-exam 2026 pichle paper ke leak hone ke karan adhik kathin hoga?

विशेषज्ञों के अनुसार, NTA पर बढ़े संस्थागत और कानूनी दबाव के कारण री-एग्जाम में विशेष रूप से भौतिकी और भौतिक रसायन विज्ञान में अधिक अवधारणात्मक और विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

NEET re-exam 2026 mein kitne chhatra shamil ho rahe hai?

21 जून 2026 को आयोजित होने वाले NEET री-एग्जाम 2026 के लिए 22 लाख (2.2 मिलियन) से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है।

kya NEET re-exam 2026 mein negative marking hogi?

हाँ। अंकन योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है: सही उत्तर के लिए +4 अंक, गलत उत्तर के लिए –1 अंक और अनुत्तरित प्रश्न के लिए 0 अंक मिलेंगे।

NEET re-exam 2026 mein sabse surakshit section kaun-sa hai?

बायोलॉजी सबसे अधिक स्कोरिंग और सबसे सुलभ सेक्शन माना जा रहा है। शीर्ष रैंक का लक्ष्य रखने वाले छात्रों को बायोलॉजी में 360 में से 320–340 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

chhatra NEET re-exam 2026 se jude adhikarik update kahan dekh sakte hai?

एडमिट कार्ड, एग्जाम सिटी स्लिप, उत्तर कुंजी (Answer Key) और परिणाम सहित सभी आधिकारिक अपडेट nta.ac.in और neet.nta.nic.in पर उपलब्ध होंगे।
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