उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कक्षा 9वीं हिंदी विषय का शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए नया पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। इस पाठ्यक्रम में परीक्षा का प्रारूप, अंक विभाजन, गद्य, पद्य, व्याकरण, लेखन कौशल तथा निर्धारित पाठों की पूरी जानकारी दी गई है। विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए नए सिलेबस के अनुसार अध्ययन करना चाहिए।
राजस्थान बोर्ड के अनुसार हिंदी (अनिवार्य) विषय में कुल 100 अंक निर्धारित हैं, जिनमें—
70 अंक – लिखित परीक्षा
30 अंक – आंतरिक मूल्यांकन
कक्षा 11 हिंदी (अनिवार्य) के पाठ्यक्रम को चार यूनिटों में विभाजित किया गया है, जिनमें प्रत्येक यूनिट के लिए अलग-अलग विषय एवं निर्धारित अंक निम्नानुसार हैं।
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यूनिट |
विषय |
अंक |
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यूनिट–1 |
गद्य साहित्य का इतिहास |
3 |
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गद्य खंड |
12 |
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एकांकी |
5 |
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यूनिट–2 |
पद्य साहित्य का इतिहास |
3 |
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पद्य खंड |
10 |
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काव्य सौंदर्य के तत्व |
3 |
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यूनिट–3 |
संस्कृत खंड |
14 |
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यूनिट–4 |
पत्र लेखन |
5 |
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व्याकरण |
15 |
लिखित परीक्षा को दो भागों में विभाजित किया गया है—
खंड–अ में कुल 20 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे।
1. हिन्दी गद्य का विकास (3 अंक)
भारतेन्दु युग
द्विवेदी युग
2. हिन्दी पद्य का विकास (3 अंक)
आदिकाल
भक्तिकाल
3. सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम (2 अंक)
इस भाग में केवल ज्ञानात्मक एवं बोधात्मक आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।
4. काव्य-सौंदर्य के तत्व (3 अंक)
रस – शृंगार एवं वीर
छंद – चौपाई एवं दोहा
शब्दालंकार – अनुप्रास, यमक एवं श्लेष
5. हिन्दी व्याकरण एवं शब्द रचना (5 अंक)
वर्तनी
विराम चिह्न
तत्सम एवं तद्भव
विलोम शब्द
पर्यायवाची
समास (अव्ययीभाव एवं तत्पुरुष)
6. संस्कृत व्याकरण (4 अंक)
संधि – गुण एवं दीर्घ
शब्दरूप – राम, हरि, भानु, अस्मद्
धातुरूप – गम्, भू, कृ (लट्, लोट्, विधिलिङ्, लङ् एवं लृट् लकार)
खंड–ब में वर्णनात्मक प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें निम्न विषय शामिल होंगे—
गद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश आधारित प्रश्न
संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित हिंदी अनुवाद
संस्कृत पद्यांश का संदर्भ सहित हिंदी अनुवाद
एकांकी से कथानक, चरित्र-चित्रण एवं तथ्यात्मक प्रश्न
लेखकों एवं कवियों का जीवन परिचय तथा प्रमुख रचनाएँ
संस्कृत श्लोक
संस्कृत में प्रश्नों के उत्तर
मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ
हिन्दी से संस्कृत अनुवाद
प्रार्थना पत्र लेखन
राजस्थान बोर्ड द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के लिए कुल 30 अंक निर्धारित किए गए हैं।
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मूल्यांकन |
समय |
अंक |
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प्रथम आंतरिक मूल्यांकन (मौखिक अभिव्यक्ति) |
अगस्त |
10 |
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द्वितीय आंतरिक मूल्यांकन (रचनात्मक लेखन) |
दिसम्बर |
10 |
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तृतीय आंतरिक मूल्यांकन (चार यूनिट टेस्ट के आधार पर) |
सत्रभर |
10 |
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यूनिट टेस्ट |
समय |
अंक |
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प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) |
जुलाई द्वितीय सप्ताह |
20 |
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द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक) |
अगस्त अंतिम सप्ताह |
20 |
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तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) |
नवम्बर अंतिम सप्ताह |
20 |
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चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक) |
दिसम्बर अंतिम सप्ताह |
20 |
नोट: चारों यूनिट टेस्ट के प्राप्तांकों के कुल योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाएगा।
कक्षा 11 हिंदी (अनिवार्य) के गद्य खंड में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यकारों की रचनाओं का अध्ययन कराया जाएगा, जिनका विवरण नीचे तालिका में दिया गया है।
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पाठ |
लेखक |
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बात |
प्रताप नारायण मिश्र |
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स्मृति |
श्रीराम शर्मा |
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चेतक पर हिमालय |
धर्मवीर भारती |
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मंत्र |
प्रेमचन्द |
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गुरुनानक देव |
हजारी प्रसाद द्विवेदी |
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गिल्लू |
महादेवी वर्मा |
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निस्वार्थी कस्तूरबा |
वांका कालेलकर |
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तोता |
रवीन्द्रनाथ टैगोर |
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सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम |
— |
कक्षा 11 हिंदी (अनिवार्य) के पद्य खंड में विभिन्न कालों के प्रसिद्ध कवियों की चयनित रचनाओं को शामिल किया गया है, जिनका विवरण नीचे तालिका में दिया गया है।
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कवि |
पाठ |
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कबीर |
साखी |
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मीराबाई |
पदावली |
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रहीम |
दोहा |
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जयशंकर प्रसाद |
पुनर्मिलन |
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भारतेन्दु हरिश्चन्द्र |
प्रेम माधुरी |
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सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' |
दान |
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मैथिलीशरण गुप्त |
पंचवटी |
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हरिवंश राय बच्चन |
पथ की पहचान |
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संत रैदास |
प्रभु जी तुम चन्दन हम पानी |
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नागार्जुन |
बादल को घिरते देखा है |
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सोहन लाल द्विवेदी |
उन्हें प्रणाम |
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केदार नाथ अग्रवाल |
अच्छा होता |
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शिव मंगल सिंह 'सुमन' |
युवावाणी |
वन्दना
पुरुषोत्तमः रामः
सुभाषितानि
परमेशः
रामकूटः
कृष्णः गोपालः नन्दनः
सदाचारः
सिद्धिमन्त्रः
दीपदान — राम कुमार वर्मा
लक्ष्मी का स्वागत — उपेन्द्र नाथ 'अश्क'
व्यवहार — सेठ गोविन्द दास
सीमा रेखा — विष्णु प्रभाकर
नये मेहमान — उदय शंकर भट्ट
राजस्थान बोर्ड कक्षा 11 हिंदी (अनिवार्य) का सिलेबस 2026–27 विद्यार्थियों की भाषा, साहित्य, व्याकरण तथा संस्कृत ज्ञान को संतुलित रूप से विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए छात्रों को यूनिटवार अंक विभाजन, प्रश्न पत्र के प्रारूप और निर्धारित गद्य, पद्य, संस्कृत एवं एकांकी पाठों का नियमित अध्ययन करना चाहिए। साथ ही, आंतरिक मूल्यांकन और यूनिट टेस्ट में अच्छे अंक प्राप्त करना भी अंतिम परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।